विदेश मे मिली देसी आंटी की चूत

हैलो मेरे प्यारे रीडर्स ये मेरी पहली स्टोरी तो नही है पर काफ़ी दिनो के

बाद मे अपनी स्टोरी लिख रहा हूँ चलो आप लोगो को बोर ना करते हुये अपनी

स्टोरी पर आता हूँ मे अभी लन्दन मे रहता हूँ में 27 साल का बॉय, आवरेज

बॉडी और हाइट गुड लुकिंग मे जब इंडिया मे था तब मेने बहुत मस्तीयां की

है अपने गावं मे मुझे पहले से ही अपने से बड़ी औरतो मे ज़्यादा दिलचस्पी

थी और मेरे एक गर्लफ्रेंड भी थी जिससे मे अक्सर चुदाई किया करता था पर ये

बात तो पुरानी हो गयी है.



आज की बात यह है की यहाँ पर विदेश मे अगर तुम्हारे पास पैसे है तो तुम सब

कुछ खरीद सकते हो और यहाँ किसी का डर भी नही होता तुम्हे जो चाहिये वो

आसानी से मिल जाता है तो बस मेरे दिन ऐसे ही मस्ती मे गुजर रहे थे एक

दिन जब मेरी छुट्टी थी और मेरे सारे फ्रेंड्स काम पर गये हुये थे तो मेने

सोचा चलो बाहर घूम के आते है तो मे तैयार होकर घूमने के लिये निकल पड़ा

मेने मेरे घर के पास वाले स्टेशन से ट्रेन ली और सेंट्रल लन्दन के लिये

निकल गया ट्रेन मे इतने ज़्यादा पेंसेंजर नही थे मे न्यूज पेपर पढ़ने

लगा अभी 2-3 स्टॉप निकल गये होगे की एक एशियन लेडी मेरे सामने वाली सीट

पर आकर बेठ गयी मेरी नज़र तुरंत ही उस पर गयी तो देखा की वो काफ़ी अच्छी

लग रही थी और शायद 40 साल के करीब की लग रही थी और सलवार कमीज़ जो की

बड़ी औरते विदेश मे पहनती है ऐसा पहना हुआ था मे उसे देखते ही रह गया.



फिर उसे बुरा ना लगे इसलिये अपने न्यूज़ पेपर पढ़ने का बहाना करने लगा और

बीच बीच मे उसे देख के मेरा लंड खड़ा होने लगा मुझे उसकी बॉडी और होठ देख

कर उसे चोदने का मन होने लगा पर अभी अंजान औरत को देख के बस मज़ा लेने

लगा इतने मे उसने मुझे पूछा आप इंडियन हो मेने हाँ बोला तो उसने मुझसे

हिन्दी मे बात शुरू की पूछा की ये ट्रेन (स्टेशन का नाम पूछकर) स्टेशन पर

जायेगी मेने हाँ बोला तो वो बोली ओके थैंक्स मेने बोला आपको वहा पर जाना

है उसने हाँ बोला.



फिर उसने पूछा आप कहा जॉब पर जा रहे हो मेने बोला नही बस यूही घूमने जा

रहा हूँ छुट्टी जो है तो उसने बोला अच्छा है तो मेने यूही पूछा आप वहा

क्यों जा रहे हो तो वो बोली की मे अपनी एक फ्रेंड से मिलने जा रही हूँ

मेने ओके बोला और हम बाते करने लगे उसका स्टेशन आते आते हमने अच्छी तरह

से बाते करते रहे मे उसे पूरी बॉडी पर घूर रहा था वो उसको पता चल गया था

पर हमारे बीच नॉर्मल बाते ही हो रही थी उसका स्टेशन आने वाला था मुझे

उसका नंबर मांगने का ख्याल आया पर मुझे लगा शायद ना दे तो मे चुप रहा तब

उसने मुझे बोला फिर कभी मिलेंगे मेने हाँ बोला तो बोली केसे मिलेंगे मुझे

अपना नंबर दो मेरे दिल मे तो लड्डू फूटने लगे मे खुश हो गया शायद बात बन

जाये और नंबर दे दिया और उसका नंबर माँगा तो उसने बोला मे तुम्हे कॉल

करूँगी मेने ओके बोला.



फिर वो चली गयी मेरे दिमाग़ मे बहुत गंदे ख्याल आने लगे और जल्दी से घूम

के घर वापस आ गया और उसके नाम की मूठ मारी तब थोड़ा सुकून मिला पर दिल मे

ये भी लग रहा था की शायद वो कॉल ना करे ऐसे ही 1-2 दिन गुजर गये और 2

दिन बाद शाम को मेरे मोबाइल पर एक मैसेज आया जिसमे लिखा था हाय केकैसेसे

हो नीचे लिखा था सीमा (बदला हुआ) मे पता नही उसका मैसेज देख के बहुत खुश

हो गया और रिप्लाई दिया हाय में ठीक हूँ तुम केसे हो तो उसका रिप्लाई आया

बस ठीक ही हूँ और हमने थोड़ी देर चेटिंग की फिर रात को करीबन 11:30 बजे

को मेरे मोबाइल पर मैसेज आया क्या कर रहे हो सो रहे हो क्या मेने बोला

नही बस जाग रहा हूँ.



तुम अभी तक सोई नही क्या तो बोली नही मेरे पति का वेट कर रही हूँ (सॉरी

आप लोगो को बताना भूल गया वो शादीशुदा औरत थी और उसके पति एक शॉप चलाते

तो अक्सर सुबह 11 से रात के 12 बजे तक शॉप पर ही होते है और उसका एक बेटा

है जो करीब 18-19 का है वो आउट ऑफ लन्दन कहीं पढाई कर रहा था और कोई दिन

ही घर आता था तो वो अकेली ही घर पर होती या अपने पति के साथ शॉप पर चली

जाती) तो फिर हमने थोड़ी देर चेटिंग की और फिर उसने मुझे कहा शायद मेरे

पति आ गये है चलो हम कल बात करेंगे मे तुम्हे कॉल करूँगी मेने बोला ओके

लेकिन शाम को करना उसने हाँ बोला फिर दूसरे दिन मेने ही शाम को उसको कॉल

लगाई तो उसने मुझे बोला वो 5 मिनिट के बाद कॉल करती है.



फिर उसकी कॉल आई वो बोली वो अपने पति से बात कर रही थी लेंडलाइन फोन से

फिर उसने बोला क्या बात है तुम मुझसे इतना बात करने मे उतावले हो मेने

बोला ऐसा कुछ नही है बस यूँ ही दोस्त से बात करने मे मुझे मज़ा आता है तो

मे समझ गया वो ऐसी बाते क्यों करती है तो मेने पूछा तुम्हे मुझसे इतना

बात करने मे क्यों मज़ा आता है तो बोली बस ऐसे ही घर पर अकेली बोर हो

जाती हूँ तो किसी से बात करने मे मज़ा आता है और हमारी ऐसी बाते चलती रही

काफ़ी टाइम तक हमने एक दूसरे से बात की हम दोनो को पता चल गया था की हमें

क्या चाहिये पर हम दोनो मे कोई भी ये बात ना कह सका बस ऐसे ही एक और दिन

गुजर गया उस शाम हम चेटिंग कर रहे थे तो मेने उसको बोला की कल मेरी

छुट्टी है तो बोली हम कल पूरा दिन बात करेगे.



मेने बोला पक्का करेगे तो उसने बोला तुम यहा आ सकते हो कल वेसे घर पर कोई

नही होगा 10 बजे के बाद मेने हाँ बोला और दूसरे दिन का वेट करने लगा मेरे

दिमाग़ मे ये ख्याल था ही की कल ज़रूर उसको चोदूंगा तो मेने पूरी तैयारी

कर ली थी दूसरे दिन मे सुबह 9 बजे उठा और अच्छी तरह तैयार हो कर सेंट लगा

के निकल गया उससे मिलने उसके बताये स्टेशन पर चला गया और उसको कॉल किया

उसने कॉल उठाया और बोली तुम अभी कहा हो मे कब से तुम्हारा वेट कर रही हूँ

मेने बोला सॉरी थोड़ा लेट हो गया मे अभी इसी स्टेशन पर हूँ उसने मुझे

रास्ता दिखाया और मे उसके घर के दरवाजे के बाहर पहुँच गया और उसने डोर

खोला वो क्या लग रही थी उसने साड़ी पहनी हुई थी और उसकी सफ़ेद बॉडी अजीब

लग रही थी उसके बूब्स ब्लाउज के बाहर आने को बेताब थे.



मे उसे देख के दंग रह गया और अन्दर चला गया अंदर जाते ही बोला आंटी क्या

लग रही हो तुम उसने मुझे बोला तुम भी कुछ खास ही लग रहे हो मेने बोला

आपसे जो मिलने आना था वो कातिल मुस्कुराई और बोली उहह क्या ऐसी क्या खास

बात है मुझमे मेने बोला खास बात ही तो है घर मे कोई ना हो और मुझे मिलने

के लिये बुलाओ और मेने नज़र नीचे कर ली सोचा शायद बुरा ना मान जाये पर वो

बोली मुझपे फ्लर्ट कर रहे हो मेने बोला फ्लर्ट तो नही कर रहा पर इस तरह

हमारे मिलने से और एक दूसरे के लिये तैयार होने से दोनो को पता है की

दोनो क्या चाहते है पर बोल नही पाते वो थोड़ी सी शरमाई और किचन की और

जाने लगी.



मुझे अजीब फील हुआ उसने कोई जवाब नही दिया शायद वो भी यही चाहती थी की मे

ही शुरुआत करूँ उसने किचन मे से आवाज़ लगाई तुम क्या लोगे चाय या कॉफी मे

तुरंत ही अंदर गया और उसे पीछे से पकड़ के गले पर किस करने लगा वो चौक

गयी और बोली ये क्या कर रहे हो मे बोला मुझे तुम चाहिये वो बोली नही तुम

ये क्या कर रहे हो ये ग़लत है तुम मेरे बेटे जेसे हो पर वो मुझसे

छुड़ाने की कोशिश नही कर रही थी शायद वो पहले से ही गर्म हो चुकी थी मेने

बोला ड्रामा मत करो और उसके होठ को चूसने लगा वो भी मेरा साथ देने लगी

वो मुझसे ज़्यादा गर्म हो चुकी थी मे सीधे ही उसके बूब्स दबाने लगा उपर

से.



फिर वो थोड़ा खुल गयी और बोलने लगी जल्दी क्या है अभी पूरा दिन पड़ा है

मे भी उससे धीरे धीरे चूसने लगा और बूब्स दबाने लगा वो सिसकिया ले रही थी

मे धीरे धीरे उसकी चूत पर हाथ ले जाने लगा वो आहे भरने लगी और मेरा हाथ

उसकी चूत पर जाते ही अपने हाथ से उसने मेरा हाथ उसके चूत पर दबा दिया और

ज़ोर से सिसकिया लेने लगी उसकी आँखे बंद थी पर वो मेरी पीठ पर ही हाथ

घुमा रही थी उससे शायद थोड़ी शर्म आती थी अभी तब मेने उसे बोला चलो

बेडरूम मे जाते है उसने हाँ बोला हम बेडरूम पहुँचे तो वो मुझसे लिपट गयी

और मेरे सीने मे सर रख दिया मेने उसे बोला मुझसे क्यों शरमाती हो तो बोली

पराये मर्द से शर्म तो आयेगी ही ना उसने मुझे बताया उसको अपने पति से

सेक्स मे मज़ा नही आता



अब और पूरे दिन घर पर बेठ के ऑनलाइन पॉर्न मूवी देख के उसे भी किसी के

साथ सेक्स करने का मन करता था और वो भी किसी जवान मर्द से इसलिये उसने

मुझे अपना दोस्त बनाया था मेने बोला ठीक है तो मे तुम्हे असली मज़ा ज़रूर

दूँगा और उसे किस करने लगा काफ़ी टाइम किस्सिंग और बूब प्रेस्सिंग करते

करते हम नंगे हो गये मे उसकी नंगी चूत पर हाथ फेरने लगा वो बहुत गर्म हो

चुकी थी और धीरे धीरे मेरे लंड पर हाथ फेरने लगी फिर उसकी चूत मे उंगली

करते करते सक करने लगा और थोड़े टाइम बाद वो झड़ गयी और ज़ोर से मुझसे

लिपट गयी और बोली आज काफ़ी टाइम बाद मेने ऐसा महसूस किया है की मे जन्नत

मे हूँ फिर मेने उसे अपना लंड चूसने को बोला उसने मना किया वो बोली उसे

अच्छा नहीं लगता.



मेने बोला कोई बात नही वो बोली नेक्स्ट टाइम शायद वो चूस पाये पर अभी नही

और उसने कन्डोम निकाल के मेरे लंड पर लगाया और बेड पर पैर उपर करके सो

गयी उसकी शर्म जा चुकी थी मेने उसकी चूत पर लंड टिकाया और अंदर डालने के

लिये प्रेस किया तुरंत थोड़ी मुश्किल के बाद चल गया वो आहे भरने लगी मेने

शॉट लगाने शुरू कर दिये हमने एक ही स्टाइल मे चुदाई की और फिर थोड़ी देर

बाद दोनो साथ मे झड़ गये फिर ऐसे ही बेड पर बाते करने लगे और मेरा लंड

फिर से खड़ा हो गया इस बार उसे दूसरी स्टाइल मे करके पीछे से उसकी चुदाई

की हमने उस दिन 2 बार चुदाई की और जब भी हमें टाइम मिलता हम चुदाई करते

थे तो दोस्तो केसी लगी आपको मेरी स्टोरी प्लीज इसे शेयर जरुर करे। मैने

इसे लिखने में बहुत मेहनत की है . .