आंटी बैंगन से चोद रही थी Began se Choda

हाय दोस्तों सभी लड़के मुझे लल्लू कह कर बुलाते थे और मैं लल्लू ही था

असल में मेरा नाम राज है पढ़ाई लिखाई में लल्लू खेल में लल्लू बस दो

चीज़ में मैं लल्लू नही था एक मेरी किस्मत और दूसरा मेरा लंड किस्मत का

धनी था मैं जिस तरफ जाता था तो मेरा काम बन जाता और भगवान ने मुझे बेशक

शक्ल सूरत बहुत अच्छी ना दी हो लंड देने में कोई कसर नहीं छोड़ी 10 इंच

का मोटा लंड दिया है मुझे भगवान ने जिसका फायदा मुझे मिलेगा मुझे पता

नहीं था उस वक्त मैं 18 साल का था जब मेरी सेक्स की दुनिया में एंट्री

हुई कुछ ही दिनो में मैं कई लडकियों को चोद चुका था और मुझे पता चल चुका

था की ज्यादा उम्र की औरतें चुदाई की बहुत शौकीन होती हैं.



हमारी गली में एक लड़का था सुनील जो की हमारी टीम का केप्टन था बहुत

सुन्दर था और मुझसे एक साल बड़ा था सुनील अपनी माँ और बहन के साथ हमारे

घर के बिल्कुल सामने रहता था मेरे पापा और सुनील के पापा एक साथ दुबई में

काम करते थे मेरे घर में मेरी माँ पुष्पा और बहन सुधा थे माँ की उम्र 40

साल और बहन सुधा की उम्र 20 साल की थी सुनील की मम्मी सोनिया मेरी माँ की

उम्र की होगी लेकिन दिखने में बहुत आकर्षक थी सोनिया आंटी टाइट जीन्स

पहनती और उसने बाल कटवा रखे थे उनके कूल्हे भारी थे और कमर पतली सोनिया

आंटी के सीने के उभार देख कर मेरा दिल धकधक करने लगता सुनील की बहन

सुनीता की शादी दो साल पहले हुई थी सुना था की शायद सुनीता को उसका पति

पसंद नहीं था.



सुनील का एक शौक था गांड मरवाने का एक दिन मैने उसको स्कूल के माली से

गांड मरवाते देख लिया सुनील मेरे पैरों पर गिर पड़ा और बोला लल्लू यार

क़िसी को मत बताना वरना मेरे घरवाले बदनाम हो जायेगे मेरी माँ तो बदनामी

से मर जायेगी मैं तेरी हर बात मानूँगा मैं मन ही मन मुस्कुरा पड़ा चल

ठीक है तुम सोनिया आंटी से बोल कर मुझे अंग्रेज़ी की कोचिंग रखवा दो

मुझे इंग्लीश नहीं आती अगर आंटी मुझे पढ़ा दें तो मैं पास हो जाऊंगा

सुनील मान गया.



कोचिंग के पहले दिन ही मेरी लॉटरी लग पड़ी सोनिया आंटी कोचिंग के बारे

में भूल गयी मैं चुप चाप घर में दाखिल हुआ आंटी के रूम में देखा तो मेरे

होश उड़ गये सोनिया आंटी बिस्तर पर लेटी हुई थी और वो मादरजात नंगी थी

आंटी की गोरी चूची पसीने से भीगी हुई थी और उसके निप्पल कड़क हो चुके थे

मेरा लंड पेन्ट फाड़ कर बाहर आ रहा था सोनिया आंटी ने अपनी मांसल जांघे

फैला रखी थी और अपने लेफ्ट हाथ में कुछ पकड़ा हुआ था सोनिया आंटी के हाथ

में एक बैंगन था जो अपनी चूत में डाल कर आगे पीछे कर रही थी आंटी की

आँखें बंद थी और वो अपनी चूत को बैंगन से चोद रही थी बैंगन तेज़ी से अंदर

बाहर हो रहा था मेरा हाथ अपने आप मेरे लंड पर चला गया और मैने अपनी ज़िप

खोल कर मुठ मारनी शुरू कर दी एक हाथ से आंटी अपनी चूची मसलने लगी और

दूसरे से बैंगन पकड़ कर अपनी चुदाई करने लगी आंटी की चूत पर छोटे छोटे

काले काले बाल थे और उनकी गांड पर एक काला तिल था जो उनके चुतड को बहुत

सेक्सी बना रहा था.



मैं कुछ देर तक नज़ारा देखता रहा और जब आंटी ने ज़ोर से सिसकारी लेना

शुरू कर दिया तो मैं डर कर कमरे से बाहर निकल गया सोनिया आंटी की नज़र

मुझ पर क़िसी भी वक्त पड़ सकती थी बाहर भी मुझे बैंगन की चुदाई की मस्त

आवाज़ सुनाई दे रही थी कोई 5 मिनिट के बाद आवाज़ बंद हो गयी मैने आंटी के

रूम का डोर लॉक किया और वेट करने लगा कुछ देर के बाद डोर खुला आंटी ने

जल्दी से एक छोटी सी फ्रॉक जैसी ड्रेस पहन ली थी जो उनके नितंब तक पहुँच

रही थी हल्के नीले रंग की उस पारदर्शी ड्रेस में उनकी चूची साफ दिख रही

थी और काले काले निपल बाहर आने को बेताब लग रहे थे.



मेरी नज़र उनके सीने से हट नहीं रही थी तो आंटी चोक गयी लल्लू तुम इस

वक्त यहाँ कैसे? सुनील तो पढ़ाई के लिये गया हुआ है आंटी सुनील कह रहा

था की आप मुझे इंग्लीश पढ़ा दिया करेंगी मैं तो कोचिंग के लिये आया था

अगर आप के पास टाइम नहीं है तो कोई बात नहीं मैने वहाँ से निकलने के लिये

बहाना बनाते हुये कहा सोनिया आंटी की नज़र मेरी पेन्ट पर थी जहाँ अभी भी

मेरा लंड एक उभार बन कर नज़र आ रहा था अच्छा लल्लू तुम कोई भी इंग्लीश की

किताब ले आयो और तब तक मैं नहा लेती हूँ.



उसके बाद मैं तुझे पढ़ा दूँगी अगर किताब तेरे स्कूल की ना होगी तब भी

चलेगी कह कर आंटी अंदर जाने लगी तो मेरी नज़र उनके चुतड से हट नहीं रही

थी काश मुझे आंटी के चुतड स्पर्श करने की इजाज़त होती मैने अपनी बहन की

अलमारी से एक इंग्लीश का नॉवल निकाल लिया और एक घंटे के बाद सोनिया आंटी

के घर पढ़ने चला गया सोनिया आंटी नहा कर ड्रॉइग रूम में बैठी थी मुझे

देखते हुये बोली लाओं लल्लू ज़रा तेरी किताब तो देखें जो मैं तुझे पढ़

कर समझाती हूँ मैने नॉवल आंटी को दिया जिस के बाहर लिखा हुआ था आंटी

नीड्स ए कॉक सोनिया आंटी ने मेरी तरफ गौर से देखा मैं कुछ ना बोला लल्लू

बेईमान ये किताब कहाँ मिली तुझे? मैं कुछ समझ ना सका तो बोला सुधा दीदी

की किताबों में से निकाली है आपने ही कहा था की कोर्स की किताब नहीं लानी

है क्या बुराई है इस किताब में?



लल्लू तू वाकई ही लल्लू है आंटी नीड्स ए कॉक का क्या मतलब है? सोनिया

आंटी ने पूछा तो मैं बोला आंटी को मुर्गा चाहिये आंटी मेरा जवाब सुन कर

हंस पड़ी और मुझे गौर से देखने लगी आंटी उस वक्त एक कुर्ता पहने हुई थी

जिसमें से उनकी चूची बिल्कुल साफ दिखाई दे रही थी और निपल कुर्ते से बाहर

आने को बेताब थे आंटी के भीगे हुये बाल उनके कंधों पर पानी की बूँदें

गिरा रहे थे मेरा लंड फिर से बेकाबू होने लगा आंटी ने मुझे अपने पास खींच

कर सोफे पर बेठा लिया और मेरी जांघो पर हाथ रखते हुये बोली लल्लू बेटा

कॉक एक और चीज़ को भी कहते हैं तभी आंटी का हाथ मेरे लंड से टकरा गया और

आंटी अपने होंठ मेरे कानो के पास ले जा कर बोली इसको आंटी के कोमल हाथ

मेरे कठोर लंड पर कस गये.



मैं कुछ ना बोला आंटी को मुर्गा नहीं ये वाला कॉक चाहिये लल्लू अपना कॉक

आंटी को दिखाओगे क्या? वाऊ बेटा बहुत मोटा और सख्त है तेरा कॉक मुझे

बहुत मज़ा आया जब आंटी का हाथ मेरे लंड को स्पर्श कर रहा था तेरी तो

चाँदी हो गयी लल्लू लाल मैने खुद से कहा क्योकी आंटी अब मेरे लंड के

साथ पेन्ट के उपर से खेलने लग चुकी थी आंटी इसको तो लंड कहते हैं आंटी

ने अपने होंठ मेरे मुँह पर रख दिये और बोली चुप हो जा मादरचोद आंटी तुझसे

प्यार करने वाली है आज तेरे इस प्यारे लंड को छुपने के लिये नयी जगह

मिलने वाली है लल्लू तू दिखने में लल्लू ज़रूर है लेकिन असल में पूरा

मादरचोद है साले इतना बड़ा लंड तो तेरे अंकल का भी नहीं है सच बता लल्लू

कभी चूत मारी है तुमने? इस लंड से तो कोई औरत भी चुदवाने को तैयार हो

जाये मेरी नज़र तुम पर आज तक क्यों नहीं पड़ी? आंटी ने अब मेरी ज़िप खोल

कर लंड बाहर निकाल लिया था और मुठी में ले चुकी थी.



मुझे बहुत आनंद आ रहा था और शरमाते हुये मेरे हाथ आंटी की चूची पर चले

गये आंटी क्या मैं आपके वक्ष को स्पर्श कर लूँ? आंटी बेताबी से बोली

मादरचोद मैं तो सोच रही थी की तू पूछेगा ही नहीं मसल इनको ज़ोर से मेरे

बोबो से खेल बेटा मेरे बोबे मसल डाल आग लगी हुई है मेरे जिस्म मैं शाबाश

बेटा ज़ोर से खीच मेरी चूची मैं भी जोश में आ गया और आंटी की चूची मसलने

लगा मेरा लंड उछाल मार रहा था पहली बार एक सेक्सी औरत के स्पर्श ने मुझे

पागल बना दिया था मैने बिना पूछे आंटी के कुर्ते को उनके बदन से अलग कर

दिया और उनकी गोरी कठोर चूची को मसलने लगा आंटी बहुत मज़ा आ रहा है मुझे

मेरे लंड को ऐसे ही प्यार से मसलती रही आंटी ने अपने होंठ मेरे सुपाडे पर

रख दिये और चाटने लगी मेरा बदन काँप उठा ऐसा स्वर्ग जेसा आनंद मुझे पहले

कभी महसूस नही हुआ था ऊऊऊओ आंटी बस हाआअंन्न आंटी मर गया आंटी चूसो हाँ

आंटी आंटीईईईई.



सोनिया आंटी के नंगे वक्ष मेरे हाथों में मचल रहे थे और वो मेरे लंड को

चूसने लगी थी सुधा की किताब आंटी नीड्स कॉक अब टेबल पर पड़ी थी और मैं

स्वर्ग के मज़े ले रहा था तभी मैने आंटी को रोक दिया मेरा लंड अपना

फव्वारा छोड़ देने को था आंटी मुझे चुदसी नज़रों से देखने लगी आंटी पहले

अपना पजामा उतार डालो मैं आपको पूरा नंगा देखना चाहता हूँ मैने कभी चूत

मारी भी नहीं और देखी भी नहीं है लल्लू का लंड तो आपने देख भी लिया और

चूम भी लिया अब ज़रा अपनी चूत के दर्शन तो करवा डालो मैने कहा तो आंटी

हंस पड़ी बहनचोद झूठ बोल रहा है थोड़ी देर पहले आंटी को बैंगन से चुदते

हुये नहीं देख रहा था तू? साले तेरे लिये ही तो सारा ड्रामा किया था मैने

अब बैंगन की जगह अपना लंड इस्तेमाल करके आंटी को खुश कर दे बैंगन में वो

कहाँ जो इस ज़ालिम लंड में है.



बहनचोद अब चोद डाल अपनी आंटी को सभी पर्दे हट गये खुले शब्दों में आंटी

ने मुझे चोदने की इजाजत दे दी मैने आंटी के पजामें को नीचे सरका दिया और

उनकी फूली हुई चूत को स्पर्श कर दिया चूत दहक रही थी आज मेरा लंड उनकी

चूत में घुस कर मज़े लेने वाला था मैने एक उंगली चूत में घुसा डाली आहह

मादरचोद ये क्या करते हो ऊऊऊऊ प्यार से स्पर्श करो ये बहुत तडपी है लंड

के बिना आआ लल्लू बहनचोद अपना लंड अपनी माँ की चूत के लिये रखा है या

फिर अपनी बहन सुधा को चोदने के लिये रखा हुआ है तुमने? अब देर किस बात की

है मादरचोद अब चोद भी डाल मुझे आंटी मेरे लंड को पकड़ कर अपनी चूत की

तरफ खींचती हुई बोली.



मैने अपनी दो उंगलियाँ उनकी चूत में घुसेड दी और अंदर बाहर करने लगा आंटी

अपने चुतड उठा कर उंगलियों को अंदर लेने लगी उनका जिस्म कसमसा गया मेरी

उंगलियाँ उनके चूत रस से भीग गयी आंटी मेरे लंड को ज़ोर ज़ोर से मसलने

लगी और मैं भी अब अपने आप को रोकने में असमर्थ होने लगा आंटी का जिस्म

गुलाबी हो चुका था और उनकी चूची कठोर हो चुकी थी और आँखों में लाल डोरे

तेर रहे थे मैने अपना हाथ उनकी चूत से अलग किया और टाँगों को खोल कर अपने

कंधे पर रखा आंटी की चूत फूली हुई थी और मेरा सूपड़ा उनकी चूत के मुँह पर

था आंटी की साँस तेज़ हो गयी और उसका जिस्म छटपटाने लगा साले लल्लू पेल

भी दे बहनचोद की औलाद जल्दी कर मेरी चूत जल रही है आआआअ अंदर डाल मेरे

लल्लू पूरा डाल दे मेरी चूत में ऊऊऊऊ ज़ोर से मैने धक्का मार कर अपना

लंड अंदर धकेल दिया तो आंटी तड़प उठी ज़ोर से पेल लल्लू हरामी तेरा लंड

बहुत दमदार है तेरे अंकल तो कुछ भी नहीं है तेरे सामने चोद मुझे ज़ोर से

मादरचोद आंटी ना जाने क्या कुछ बोल रही थी.



मैने एक ज़ोरदार धक्का मारा तो पूरा लंड चूत में समा गया और मुझे स्वर्ग

का आनन्द आने लगा मैं अपनी कमर को आगे पीछे करने लगा और झुक कर आंटी की

चूची को चूसने लगा उनके काले निपल बहुत सख्त हो चुके थे और मैने उनके उपर

अपनी ज़बान फेरनी शुरू कर दी अपने दोस्त की मम्मी को चोदने का पहला अवसर

था मेरा और मुझे और भी उतेज्ना हो रही थी क्योकी सोनिया आंटी मेरी मम्मी

की पक्की सहेली थी आंटी अपने चुतड उठा रही थी और उन पर चुदाई की मस्ती

चढ़ चुकी थी आंटी तुम क़िसी जवान लड़की से कम नहीं हो ऐसी मस्त औरत मैने

अब तक नहीं चोदी बचपन से आपकी गांड देख कर मेरा लंड खड़ा हो जाता था

लेकिन तुम मेरे से चुदवाओंगी एक दिन बस मेरा सपना ही था.



सच आंटी तुम तो एक पटाखा हो भोसड़ी के लल्लू साले बचपन से ही ऐसे हो

तुम तब तो अपनी माँ की चूची भी देखते होगे चुप चुपके साले मादरचोद

पुष्पा की गांड कम सेक्सी है क्या? मैं चुदाई की मस्ती मैं था और ज़ोर से

धक्के मारते हुये बोला मम्मी की गांड तो पापा के लिये है लेकिन पापा को

मम्मी की चुदाई करते देखा है कई बार आज आपको चोद कर सपना पूरा हो गया

मेरा बहनचोद अगर मम्मी की गांड पापा के लिये है तो आंटी की गांड भी तो

अंकल के लिये थी बेटा चूत पर क़िसी की मोहर नहीं लगी होती जिसका मौका लगे

चोद लेता है अब देख लो मैं आज अपने बेटे समान लल्लू के लंड का मज़ा ले

रही हूँ क्या पता कल सुनील तेरी माँ को चोद ले पुष्पा और मैं दोनो लंड के

लिये तड़पति रहती हैं.



तेरे पापा और अंकल साले वहाँ दुबई में मूठ मार कर गुज़ारा कर रहे होंगे

ऊऊऊओ लल्लू मादरचोद तेरा लंड अब मेरी बच्चेदानी पर ठोकर मार रहा है ज़ोर

से चोद पेल मुझे आअहह मार मेरी चूत कब से प्यासी है बुझा दे इसकी प्यास

बेटा कमरे में चुदाई की सिसकारियाँ गूँज रही थी फ़चा फ़च की आवाज़ आ रही

थी और अब मेरा लंड खलास होने के नज़दीक आ चुका था मैने धक्को की स्पीड

तेज़ कर दी और तूफ़ानी गति से आंटी को चोदने लगा हह्ह्ह्ह आंटी मैं झड़ने

वाला हूँ आंटी बहुत मज़ा दिया है आपने मुझे ऊऊऊ आंटी मैं गया आआआआ आंटी

की चिकनी चूत मेरा लंड खा रही थी उनकी चूत ने मेरा लंड कसा हुआ था एक

कुत्तिया की तरह आंटी हाँफ रही थी और मुझे आंटी बहुत सेक्सी लग रही थी

उसकी गांड की स्पीड से ज़ाहिर था की वो भी झड़ने को थी आआआ ऊऊऊऊ

म्‍म्म्मममह आरररगज्गघह चोद बेटा ज़ोर से मर गयी है मर गयी फाड़ दे मेरी

चूत मादरचोद तेरी रंडी आंटी चुद गयी अपने बेटे के लंड से आआआआ चोद बेटा

मेरा लंड अपना फव्वारा आंटी की चूत में छोड़ने लगा और आंटी की चूत का रस

मेरे लंड पर गिरने लगा.



मैने आंटी के चुतड कस के जकड़े हुये थे और में पागलों की तरह पेल रहा था

ऊऊओ बेटा मैं गयी तुम चूत में मत करना मादरचोद मुझे माँ नही बना देना

बहनचोद मुझे प्रेग्नेंट मत बना देना बाहर निकाल लो बेटा लल्लू मैने झट

से लंड बाहर निकाल लिया और आंटी ने उसको अपने हाथों में ले लिया और मूठ

मारने लगी मैने आंटी को बालों से पकड़ कर उनका मुँह उपर किया और लंड को

उनके होंठों से सटा कर बोला आंटी अगर चूत नहीं तो इसको चाट कर खलास कर दो

मैने आपकी चूत को लंड से ठंडा किया है तुम भी इसको चूस कर ठंडा करो ना

आंटी की आँखें बंद थी लेकिन उसने मेरा सूपाड़ा चाटना शुरू कर दिया.



मैने उनके बाल और ज़ोर से खींचे तो उनका मुँह अपने आप खुल गया और मैने

अपना लंड उनके मुँह में पेल दिया आंटी कस के चूसो मेरा लंड मुझे महसूस हो

की मैं आपकी चूत चोद रहा हूँ ज़ोर से चूसो आंटी उन्होने लंड अपने गले तक

उतार दिया और मैं मुँह को चोदने लगा 8-10 धक्को के बाद मेरे रस की धारा

निकल पड़ी आंटी ने लंड मुँह से निकाल लिया और मेरा रस आंटी की चूची पर और

पेट पर बिखर गया तो दोस्तों केसी लगी में स्टोरी अगर अच्छी लगे तो इसे

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