हाय फ्रेंड्स यह मेरी फर्स्ट स्टोरी है उम्मीद करता हूँ आप को पसंद
आयेगी ओर आप अपनी कमेंट्स मुझे ज़रूर भेजे चाहे स्टोरी अच्छी लगे या नही
अब मे ज़्यादा बोर ना करते हुये सीधे अपनी रियल स्टोरी पर आता हूँ मेरा
नाम लकी है ओर मेरी उम्र 25 साल है ये कहानी आज से 5 साल पहले की है जब
मेने अपनी सग़ी बहन के साथ पहली बार सेक्स किया था मेरी बहन मुझसे 3
साल बड़ी है ओर उसका रंग गोरा है उसके बूब्स बहुत ही आकर्षक है उसकी
साइज़ कोई 34-26-35 होगी मेने उसे कभी भी बुरी नज़र से नही देखा ओर हम
अच्छे दोस्त भी थे.
मेरे घर मे मेरे माता पिता ओर हम भाई बहन थे हमारी मिड्ल क्लास फेमिली थी
पिताजी एक एम.एन.सी कम्पनी मे काम करते थे ओर माँ हाउस वाइफ थी मे अपनी
दीदी से सारी बात शेयर करता था ओर वो भी मुझे अपनी सब बात बताती थी ये
कहानी तब शुरू हुई जब उसकी शादी तय हो गयी ओर वो मुझे छोड़ के नही जाना
चाहती थी क्योंकी वो शादी करके दिल्ली में शिफ्ट होने वाले थे ओर जिससे
उसकी शादी होने वाली थी वो कुछ खास नही था दुबला पतला सा है ओर दीदी
काफ़ी सुन्दर थी लेकिन वो पैसे वाले थे इसलिये पिताजी ने उसकी शादी उसी
से फिक्स कर दी थी.
शादी की बात सुन के दीदी काफ़ी गुस्सा हो गयी थी तो माँ ने मुझे उसे
मनाने के लिये बोला और मैं दीदी के रूम मे गया अंदर जाते ही दीदी मुझसे
गले लिपट के रोने लगी उस समय मैने पहली बार उसके बूब्स को महसूस किया जो
मेरी छाती से सटे हुये थे मुझे कुछ अजीब सा लगा पर मुझे अच्छा फील हो रहा
था मैने उसके बाल मे हाथ फेरते हुये उसे समझाने लगा पर वो और भी ज्यादा
रोने लगी ओर मुझे और ज़्यादा ज़ोर से गले लगा लिया ऐसा करते ही मेरा लंड
जो उसके बूब्स के टच होने के कारण हार्ड हो गया था ओर में उसकी चूत पर
दबाव डाल रहा था और मे बहुत अच्छा फील कर रहा था क्योंकी ये मेरी बड़ी
दीदी थी लेकिन दीदी को समझ मे आ गया और वो मुझसे थोड़ी दूर हो गयी ओर बेड
पर जा कर बैठ गयी.
मे उसे समझाने लगा की आख़िर एक दिन तो आपको शादी करनी ही है ओर वैसे भी
ये दिखने मे भले है और ज्यादा अच्छा ना लगे पर लगता तो शरीफ ही है ओर
अच्छा कमा लेता है और वो थोड़ी देर बाद मान गयी माँ भी खुश थी थोड़े दिनो
बाद शादी की तैयारियाँ शुरू हो गयी उसी समय पापा को कुछ जरुरी काम से आउट
ऑफ स्टेशन जाना पड़ा और वो मुझे सब तैयारियाँ संभालने को कह गये वैसे भी
शॉपिंग करने के लिये मे ओर दीदी ही जाते थे तो हम चल पड़े शॉपिंग करने
उसने मुझे कहा हम लिंक रोड जायेगे तो हम निकल पड़े ट्रेन मे लेकिन ट्रेन
मे वो लेडीस कमपार्टमेंट मे ना जाते हुये मेरे साथ जेंट्स कमपार्टमेंट मे
चड गयी ट्रेन मे बेठने की जगह नही मिली तो मे उसे ले के एक साइड में गया
और उसे कवर करके खड़ा हो गया जैसे ही ट्रेन आगे बड़ी भीड़ ओर बड़ती गयी
ओर मे उसके एकदम करीब जा के खड़ा हो गया वो अच्छा फील कर रही थी. hindi
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मैने कहा हम अगले स्टेशन पर उतर जायेगे ओर टेक्सी ले लेंगे लेकिन उसने
मना कर दिया और कहा टेक्सी में काफ़ी पैसे लग जायेगे और हम वैसे ही खड़े
रहे उतने मे किसी का पीछे से धक्का लगा और मे दीदी के एकदम करीब हो गया
ऐसे मे उसके बूब्स मेरी छाती को टच कर रहे थे मे उससे नज़र नही मिला पा
रहा था थोड़ी देर ऐसे ही खड़ा रहा लेकिन भीड़ ज़्यादा बड़ गयी ओर मे ओर
दीदी एकदम चिपक गये ऐसे मे मेरा तना हुआ लंड दीदी की चूत को टच कर रहा था
वो मेरे सामने एकदम गुस्से से देख रही थी लेकिन मे मजबूर था तो वो भी
थोड़ी देर बाद शान्त हो गयी लेकिन मेने उससे थोड़ा दूर होने के प्रयास मे
मैने हाथ उठाया तो मेरा हाथ दीदी के बूब्स को टच हुआ लेकिन इस बार दीदी
ने कोई जवाब नही दिया शायद भीड़ के कारण 10-15 मिनिट ऐसे ही चिपक कर खड़े
रहने के कारण मे और दीदी एकदम गर्म हो गये थे.
मेरा लंड और कड़क हो गया था और में दीदी की चूत को और ज़ोर से टच करने
लगा अब हम दोनो को मज़ा आ रहा था और मैं एक बार तो पैंट मैं ही डिसचार्ज
हो गया उतने मे हमारा स्टेशन आ गया और हम उतर गये हम शॉपिंग करने लगे
लेकिन दीदी अब मुझसे और ज़्यादा खुल के बात कर रही थी उसने अपने लिये
ड्रेस खरीदे और वो बार बार कुछ ना कुछ बहाने मेरे लंड को टच करने लगी मे
भी उसे ड्रेस दिखाने के बहाने उसके बूब्स को टच करने लगा और वो मुझे एक
अजीब सी स्माइल दे देती अब मे बहुत खुश हो गया था.
मै अब दीदी के हाथ मे हाथ डाल कर चलने लगा ऐसा करते ही मेरा हाथ उसके
बूब्स को टच करते थे जब शॉपिंग हो गयी तो काफ़ी समान हो गया था मैने दीदी
से कहा अब ट्रेन मे नही जा सकेंगे क्योंकी काफ़ी समान है तो हम टेक्सी ले
लेते हैं तो दीदी ने हाँ कर दिया और हम टेक्सी मे बैठ गये मैने पूछा दीदी
आप शादी की बात सुन कर गुस्सा क्यों हो गयी तो उसने कहा वो काफ़ी दुबला
पतला हैं तो मैने पूछा तो क्या हुआ उसने कहा तुम नही समझोगे मैने गोर
किया की क्या नही समझुगां लेकिन उसने बात टाल दी ओर कहा घर जा कर बताउंगी
हम घर आ गये और खाना खा के अपने बेडरूम मे चले गये हमारा बेड अलग अलग
था.
मैने दीदी को कहा आप चली जाओगी तो मुझे अच्छा नही लगेगा दीदी ने भी कहा
मुझे भी तुमसे दूर नही जाना वैसे भी आज शॉपिंग मे काफ़ी मज़ा आया ना? ऐसा
पूछते पूछते उसने मुझे अजीब सी स्माइल दी मैं सोच मे पड़ गया क्या कहूँ
फिर उसने मुझे दोबारा पूछा तो मैने हाँ कर दी मैने कहा चलो दीदी नई
ड्रेस ट्राई करते है वो भी खुश हो गयी और वो सारे कपड़े ट्राई करके मुझे
बता रही थी ऐसा करने से मुझे दीदी का अर्धनग्न शरीर दिखता था और मुझे
बड़ा मज़ा आता था उसमे एक नाइटी भी थी जो की काफ़ी पतली थी मैने उनसे
पूछा ये क्यों नही ट्राई किया तो वो शर्मा गयी और कहा ये मैं शादी के बाद
पहनुँगी मैने कहा ऐसा क्यों तो कुछ नही कह पाई लेकिन मेरी ज़िद के कारण
वो मान गई ओर जब वो नाइटी पहन के आई तो क्या बताऊँ यारो वो क्या सेक्सी
लग रही थी.
मे देखते ही रह गया मेरी नज़र उनके बूब्स पर ही थी जो की नाइटी पतली होने
के कारण बूब्स का साइज़ साफ दिखाई दे रहा था उतने मे दीदी ने मुझे पूछा
क्या देख रहे हो तब जा के मैं होश मे आया और दुबारा पूछने पर कहा आप तो
अप्सरा जैसी लग रही हो और वो शर्मा गयी बाद मे उसने कहा चलो साड़ी ट्राई
करते हैं मेने कहा आपने तो कभी साड़ी पहनी नही तो ट्राई कैसे करोगी उसने
कहा ट्राई तो करना पड़ेगा शादी के बाद तो साड़ी ही पहननी है तो हम साड़ी
निकालने लगे कमरे के दोनो तरफ बेड होने की कारण बीच मे बहुत कम जगह रहती
थी तो दीदी ने कहा एक काम करो दोनो बेड जॉइंट कर दो ताकि अच्छी जगह हो
जायेगी मैने वैसा ही किया दीदी सोच रही थी की कहा से शुरुवात करूँ.
मैने दीदी से पूछा क्या सोच रही हो तो उसने कहा मुझे समझ मे नही आता कहा
से शुरुवात करूँ मैने कहा मे कुछ मदद करू तो उसने मना कर दिया ओर कहा मे
खुद ही ट्राई करती हूँ ये सुन के मैं उदास हो गया दीदी नाइटी के उपर से
ही साड़ी पहनने लगी लेकिन नाइटी सिल्की होने के वजह से वो ठीक से पहन नही
पा रही थी उसने मेरी ओर देखा ओर मैं हंस पड़ा ओर उसे चिढ़ाने लगा की इतनी
बड़ी हो गयी ओर साड़ी भी पहना नही आता और वो गुस्सा हो गयी और मुझसे
रिक्वेस्ट करने लगी प्लीज़ मेरी हेल्प करो मैने पहले कभी साड़ी नही पहनी
है मैं बोला एक काम करो माँ से ही पूछ लो तो उसने कहा नही मे उन्हें
सर्प्राइज़ देना चाहती हूँ अब तुम ही मेरी मदद करो मेने कहा ठीक है एक
काम करो पहले साड़ी को कमर पर लपेट लो दीदी बोली वो ही तो कर रही हूँ पर
ठीक से बेठी ही नही तो मैं बोला माँ कैसे पहनती है दीदी बोली वो पहले
नीचे सलवार पहनती है उसकी वजह से साड़ी को ग्रिप अच्छी मिलती है.
मैं : तो तुम भी पहन लो
दीदी : मेरे पास सलवार नही है मे नया सलवार लेना ही भूल गयी
मैं : तो अब क्या करे
दीदी : चलो एक बार फिर से ट्राई करते हैं तुम मेरी मदद करो साड़ी को कमर
पर पकड़ के रखो मे ट्राइ करती हूँ दीदी साड़ी को कमर पर लपेट रही थी ओर
मैंने धीरे से दीदी की कमर पर हाथ रख दिया हाथ रखते ही दिल मे कुछ होने
लगा दीदी बोली अरे मुझे लपेट ने तो दो फिर दीदी ने साड़ी को कमर पर लपेट
लिया ओर मैं आगे से उसकी कमर पकड़ के खड़ा हो गया तो दीदी बोली अरे
बुद्धू आगे नही पीछे खड़े रहो मे साड़ी अच्छे से पहन लूँ और फिर मे पीछे
जा के खड़ा हो गया दीदी आगे से थोड़ी झुकी साड़ी का पल्लू लेने तो उसकी
गांड मेरे तने हुये लंड से टकराई और मुझे झटका लगा ओर मेरे हाथ से साड़ी
गिर गयी ओर दीदी गुस्सा हो गयी ओर कहा ठीक से पकड़ो मैने कहा आपकी नाइटी
बहुत सिल्की है तो मैं क्या करूँ दीदी सोच मे पड़ गयी ओर फिर बोली एक काम
करती हूँ तू लाइट बन्द कर दे मे नाइटी निकाल देती हूँ फिर ट्राई करेंगे
मैने कहा ठीक है लेकिन अंधेरे मे मुझे दिखेगा कैसे दीदी बोली तुझे सिर्फ़
मैं बोलू उतना ही करना है मैंने कहा ठीक है मैंने लाइट बन्द कर दी.
दीदी बोली तू साड़ी पकड़ मे नाइटी निकाल देती हूँ ओर वो नाइटी निकालने
लगी में अंधेरे मैं भी दीदी का गोरा शरीर थोड़ा थोड़ा देख सकता था दीदी
ने नाइटी निकाल दी ओर कहा साड़ी मुझे दो मे उसे कमर पर लपेटती हूँ ओर तू
पीछे से उसे पकड़ के रखना मैं बोला ठीक है वो साड़ी कमर पर लपेट रही थी
ओर मैं वही खड़ा उसे देख रहा था अंधेरे मे भी उसके बूब्स का साइज़ अच्छी
तरह दिख रहा था मैने फर्स्ट टाइम किसी लड़की को ब्रा ओर पेंटी मे देखा था
ओर वो भी मेरी सग़ी बहन थी मैं गर्म होने लगा इतने मे दीदी बोली एक काम
करो तुम पीछे से मेरी कमर पकड़ लो अब तो वैसे भी कोई ज़रूरत नही थी फिर
भी दीदी ने मुझे कमर पकड़ने को क्यों कहा मे सोचने लगा इतने मे दीदी
साड़ी पहनते हुये थोड़ी पीछे आई ओर वो मुझसे एकदम साथ में खड़ी हो गयी ओर
मेरा हाथ अपने आप उनकी कमर को ढूँढने लगा लेकिन अंधेरा होने के कारण मेरा
हाथ उनकी जाँघ को टच हो गया ओर वो बहुत ही सॉफ्ट सॉफ्ट थी
मे उसे टच करने लगा तो दीदी बोली अरे मेरी कमर पकड़ो मेने अंधेरा होने का
नाटक करते करते उसकी जाँघ सहलाते रहा मुझे बहुत मज़ा आने लगा और शायद
दीदी को भी मज़ा आ रहा था क्योकी वो कुछ नही बोल रही थी और ना ही मुझे
रोक रही थी तो मेने अपना काम चालू रखा ओर उसकी कमर ढूढ़ते ढूंढते उनकी
गांड सहलाने लगा यारो क्या मुलायम मुलायम ओर भरावदार थी उसकी गांड बहुत
मज़ा आ रहा था ओर मेरा लंड एकदम लोहे की राड़ की तरह कड़क हो गया था इतने
में दीदी ने मेरा हाथ वहा से हटा के अपनी कमर पर रख दिया मुझे थोड़ी
शर्म आने लगी और मे सोचता रहा की मुझे यह अपनी बहन के साथ यह नही करना
चाहिये था.
मे वैसे ही खड़ा रहा फिर दीदी ने साड़ी फटा फट पहन ली ओर मुझे कहा मेने
साड़ी पहन ली है तुम लाइट चालु कर दो मेंने लाइट चालु की ओर देखते ही
रहा क्योंकी उसने ब्लाउज नही पहना था केवल ब्रा पर
साड़ी लपेटी थी क्या सेक्सी लग रही थी उसने पूछा क्या देखते हो मेने कहा
दीदी आप बहुत सुन्दर लग रही हो ओर वो शर्मा गयी मेने पूछा आप तो ब्लाउज
पहनना ही भूल गयी हो तो उसने कहा मुझे मालूम है मुझे सिर्फ़ साड़ी ट्राई
करनी थी इसलिये अब उसने वापिस अपनी नाइटी पहन ली ओर कहा चलो अब देर हो
गयी सो जाते है मे जा के अपने बेड पर गिर गया और दीदी भी आ के मेरे बाजू
मे सो गयी.
हम वैसे ही बाते कर रहे थे ओर बातो बातो मे हम एकदम नजदीक आ गये ओर कब
नींद आ गयी पता ही नही चला रात मे मुझे कुछ भारीपन महसुस होने के कारण
मेरी नींद उड़ गई जब आँख खुली तो देखा दीदी का एक पैर मेरी कमर पर था ओर
उसकी नाइटी घुटनो तक उठी हुई थी मे पेट के बल लेटा हुआ था मे धीरे से
सीधा हुआ अब मुझे सब कुछ साफ दिखाई दे रहा था मेरे सीधे होने के कारण
दीदी की नाइटी ओर थोड़ी उपर उठ गयी मेरा लंड अब लोहे की राड़ की तरह तना
हुआ था मैने धीरे से दीदी की नाइटी कमर तक उपर ली अब दीदी की पेंटी मुझे
साफ दिखाई दे रही थी मे एकदम खुश हो गया अब मैं धीरे से और थोड़ा सेट हो
गया ओर अब मेरा लंड दीदी की चूत पर टच हो रहा था अब डर ओर ख़ुशी के मारे
मेरी साँस फूल रही थी अब थोड़ी देर तक मैं ऐसे ही पड़ा रहा.
फिर अपना एक हाथ दीदी की सॉफ्ट सॉफ्ट जांघ पर रख दिया ओर बिना हीले थोड़ी
देर उसको फील करता रहा दीदी का कोई रेस्पॉन्स ना आते देख मेरी हिम्मत और
बढ़ गई अब मैने अपना हाथ धीरे धीरे उसकी जांघ और गांड पर फेरता रहा और
दीदी की ओर थोडा नज़दीक चला गया जिसके कारण मेरा लंड ओर ज़ोर से दीदी की
चूत को टच करने लगा ओर एग्ज़ाइट्मेंट में और मैं झड़ गया फिर मैं एक हाथ
से दीदी की नाइटी को आगे से खोल दी जिसके कारण उसकी ब्रा मे कैद उसके
बड़े बूब्स मुझे दिखाई दे रहे थे मैंने एक हाथ उसके उपर रख दिया ओर देखा
दीदी का कोई रिप्लाई नही आ रहा था तो फिर मैंने ब्रा के उपर से ही बूब्स
को दबाने लगा लेकिन उसके आगे जाने की मेरी हिम्मत नही हो रही थी.
फिर सोचा क्यों ना मैं ऐसे ही सो जाऊं फिर देखते है सुबह दीदी क्या
रिप्लाई देती है मैने ऐसे ही एक हाथ उसकी कमर मे डाल के सो गया सुबह जब
दीदी की आँख खुली तो देखा उसका एक पैर मेरी कमर पर है और मेरा हाथ उसकी
कमर मे हैं ओर उसकी नाइटी खुली हुई थी उसे लगा शायद नींद मे खुल गयी होगी
जब उसने पैर हटाया तो देखा उसकी पेंटी पर मेरे वीर्य का दाग लगा हुआ था
ओर मेरा लंड का उभार भी उसे साफ दिखाई दे रहा था ये सब मैं चुपके से देख
रहा था क्योकी की मैं उनके पहले उठ गया था दीदी थोड़ी देर तक मेरे लंड की
तरफ देख रही थी.
फिर उसने धीरे से अपना हाथ मेरे लंड पर रख दिया जिसके कारण मेरा लंड
तुरंत खड़ा हो गया ओर दीदी थोड़ी देर ऐसे ही उसे फील करने के बाद उसने
धीरे से उसका हाथ मेरे पजामे मैं डाल दिया ओर एग्ज़ाइट्मेंट के कारण मेरी
साँस तेज़ी से चलने लगी ओर लंड ओर कड़क हो गया जिसके कारण दीदी डर गयी ओर
उसने तुरंत अपना हाथ निकाल दिया ओर थोड़ी देर वैसे ही सोया रहा और वो उठ
के फ्रेश होने चली गयी थोड़ी देर बाद वो मुझे जगाने आई बोली चलो फ्रेश हो
जाओ फिर साथ मे नाश्ता करते है नाश्ता करने के बाद दीदी बोली चलो आज बाकी
की शॉपिंग ख़त्म करते है हम दोनो फिर निकल पड़े लेकिन इस बार दीदी लेडीस
कमपार्टमेंट मे चड गयी मुझे लगा शायद उसे पता चल गया है ओर मेरी सारी
बाजी उल्टी पड़ गयी हम शॉपिंग करने लगे तभी अचानक दीदी को किसी का धक्का
लगा ओर गिर गयी जिसके कारण उसके पैर मे चोट आ गयी मे दीदी को तुरंत
टेक्सी मे ले के घर वापस आ गया जब लौटा तो देखा माँ घर पर नही थी
मैने फ़ोन कर के पूछा तो पता चला हमारे रिलेटिव मे किसी की डेथ हो गयी है
तो वो वहा गयी है और दादी नही थी तो उनको रात वही रुकना पड़ेगा मैने
दीदी को बोला माँ कल आयेगी तुम अंदर कमरे मे चलो मे डॉक्टर को बुलाता हूँ
तो उसने कहा नही सिर्फ़ दर्द की गोली ला दो सब ठीक हो जायेगा थोड़ी देर
मे दीदी सो गयी लेकिन उसे ठीक से नींद नही आ रही थी तो मेने पूछा क्या
हुआ वो बोली दर्द काफ़ी हो रहा है मेने पूछा मे पैर दबा दूँ तो उसने हाँ
कर दी मैं दीदी के पैर दबाते रहा क्या मुलायम थे यार मज़ा आ गया लेकिन मे
डर रहा था फिर मे धीरे धीरे उसकी जांघ तक दबाने लगा ओर दबाते दबाते मैने
उनकी नाइटी उपर सरका दी अब उनकी गोरी गोरी जांघ दिखाई दे रही थी मे उसे
काफ़ी देर तक दबाता रहा उस दोरान मेने उनकी नाइटी मे अंदर तक हाथ डाल के
उसके पैर दबाने लगा ऐसा करते हुये कभी कभी उनकी पेंटी तक हाथ डाल देता
लेकिन दीदी का कोई रेस्पॉन्स नही आया तो मेरा उत्साह और बढ़ गया मेने
दीदी से पूछा अब कुछ राहत मिली तो दीदी बोली हाँ पैर मे तो मिली लेकिन
कमर और पीठ मे अभी भी दर्द है तो मेने पूछा मे दबा दूँ तो वो बोली ठीक
है.
मे नाइटी के उपर से ही उसकी कमर दबाने लगा और पीठ पर मालिश करने लगा ऐसा
करने में मुझे मज़ा नही आ रहा था तो मेने पूछा बाम लगा दूँ? कुछ अच्छा
लगेगा लेकिन वो थोड़ा सोचने लगी फिर बोली ठीक है एक काम कर नाइटी के अंदर
से ही हाथ डाल कर बाम लगा दे मे तुरंत बाम ले के आ गया और दीदी को पेट के
बल सोने को कहा और मे दीदी के उपर आ गया ताकि आसानी से मालिश कर सकूँ
मेने थोड़ा बाम हाथ मे लिया ओर दीदी की नाइटी मे हाथ डाल के उसकी नाज़ुक
नाज़ुक कमर को सहलाने लगा तो दीदी को मज़ा आ रहा था मे मालिश करने के
बहाने काफ़ी देर उसकी कमर को दबाता रहा ओर में उसकी पेंटी को फील कर रहा
था मे बीच बीच मे उनकी गांड तक दबा देता था जिसके कारण मेरा लंड टाइट हो
गया मे दीदी के उपर बेठा हुआ था मे और थोड़ा उपर हो गया और अपने लंड को
उनकी गांड पर टच करने लगा और ऐसे बर्ताव करने लगा की मुझे कुछ पता ही
नही हो.
मे धीरे धीरे अब उनकी पीठ पर मालिश करने लगा ओर में पूरा मज़ा उठा रहा था
दीदी की नंगी पेर सहलाने का और दीदी भी बीच बीच मे कुछ अजीब सी आवाज़
निकाल रही थी शायद दीदी अब गर्म हो गयी थी और उसे भी मज़ा आ रहा था बीच
मे उनकी ब्रा गड रही थी ओर वो दीदी को चुभ रही थी मेने दीदी को कहा दीदी
ये क्या बीच मे चुभ रहा है ठीक से मालिश नही हो रही है तो इसे निकाल दूँ?
दीदी ने तुरंत हाँ मे सर हिला दिया मेने अब दोनो हाथ अंदर डाल कर उनकी
ब्रा निकाल दी लेकिन वो बाहर नही निकली तो मेने दीदी से पूछा बाहर कैसे
निकालु?
दीदी थोड़ी उपर उठ गयी और उसने ब्रा बाहर निकाल के बेड पर रख दी और कहा
अब पूरी पीठ पर ठीक से मालिश करना मेने फिर से अंदर हाथ डाल दिया ओर उसकी
पीठ सहलाने लगा अब मे उनकी पूरी नंगी पीठ महसुस कर रहा था मेने थोड़ी
हिम्मत करके मेरा हाथ आगे की ओर ले गया तो उनके बूब्स का साइड का हिस्सा
टच हो गया मुझे बहुत मज़ा आने लगा मे अपना लंड दीदी की गांड पर और ज़ोर
से दबाने लगा ऐसे ही मालिश करते करते मेने नाइटी कमर के उपर तक उठा दी
मेरा लंड अब एकदम तन गया था दीदी बोली ये क्या चुभ रहा है तो मे थोड़ा
शर्मा गया मैने कहा कुछ नही दीदी ये तो वो मालिश करते करते हो गया दीदी
एक काम करो आप नाइटी निकाल दो ताकि मे आपकी पूरी बॉडी मसाज कर देता हूँ
ओर दीदी कुछ बोले उसके पहले ही मेने उनकी नाइटी उपर उठा दी.
दीदी ने भी मुझे सपोर्ट करते हुये उनकी नाइटी निकाल दी अब दीदी के बूब्स
मेरी आँखो के सामने थे मेने पहली बार किसी लड़की के बूब्स को नंगा देखा
ओर वो भी मेरी सग़ी बहन के क्या गोरे गोरे थे यार अब मेने दीदी को पीठ के
बल लेटा दिया ओर उसके पेट पर मालिश करने लगा और उसकी नाभी को मसाज करने
लगा अब दीदी के मुँह से आअहह ऊओह जैसे आवाजे आने लगी मेने पूछा क्या हुआ
तो बोली अच्छा लग रहा है और करो मैं उनके पेट सहलाते सहलाते थोड़ा उपर आ
गया और उनके बूब्स को दबाने लगा पहले तो मैने उनको पूरा अपने हाथ मे
पकड़ने की कोशिश की पर वो इतने बड़े थे की मेरे हाथ मे ही नही आ रहे थे
मे उनके निपल को हाथ मे ले के दबाने लगा ओर दीदी अब ज़ोर से आहह की आवाज़
निकाल रही थी मे और ज़्यादा एग्ज़ाइटेड हो गया देखा दीदी की आँखे बन्द
थी.
जैसे ही दीदी ने आवाज़ निकालने के लिये अपना मुँह खोला तो मेने तुरंत
उनके होठो को अपने मुँह मे ले लिया ओर उनको चूसने लगा पहले तो दीदी मुझसे
छुड़ाने की कोशिश करने लगी लेकिन मैने और जोरो से उनके होठ चूसने लगा और
दूसरे हाथ से उनकी चूत को दबाने लगा जिससे दीदी ओर गर्म हो गयी और वो भी
मेरे होठ चूसने लगी मैने अपनी पूरी जीभ उनके मुँह मे डाल दी और दीदी उसे
चूसने लगी बारी बारी हम एक दूसरे की जीभ चूसने लगे कुछ 5–10 मिनिट तक हम
ऐसे ही किस करते रहे दीदी ने मेरी टी शर्ट उतार दी अब मे दीदी के बूब्स
मुँह मे ले के चूसने लगा और दूसरे हाथ से दूसरा बूब दबाने लगा मे जंगल के
भूखे शेर की तरह उसे चूस रहा था दीदी बोली भाई थोड़ा धीरे चूसो मुझे दर्द
हो रहा है मे थोड़े कही भागे जा रही हूँ प्लीज़ थोड़ा धीरे चूसो मे अब
उनके निपल को दातो से चबाने लगा और बीच मे उसे काट भी देता था जिससे दीदी
की चीख निकल जाती थी मेने बारी बारी दोनो बूब्स को चूस चूस के लाल कर
दिया और फिर मेने दीदी की पेंटी को निकाल दिया और उनकी चूत को सूंघने
लगा.
उनकी चूत को दोनो हाथ से खोल के मेने अपनी जीभ अंदर डाल दी उनकी चूत पहले
से ही पानी छोड़ रही थी जैसे ही मेने अंदर जीभ डाली दीदी ने मेरे सर को
उनकी चूत पर ज़ोर से दबा दिया ओर बोली चूसो भैया चूसो मेरा पानी निकाल दो
भैया प्लीज़ मैं और एग्ज़ाइटेड हो गया और ज़ोर से दीदी की चूत चाटने लगा
करीब 5 मिनिट मे दीदी अकड़ने लगी और उसने अपना पूरा पानी मेरे मुँह पर
छोड़ दिया मेने सारा पानी पी लिया मेरा पूरा मुँह दीदी के पानी से भरा
हुआ था दीदी ने मेरे मुँह को चाट चाट के साफ किया.
अब दीदी बोली मुझे भी तेरा चूसना है मेने पूछा क्या तो दीदी ने नीचे
इशारा किया मे बोला अपने मुँह से बोलो तो वो शर्मा गयी फिर बोली तेरा लंड
चूसना है और तुरंत उसने मेरा पजामा निकाल दिया और उसके बाद उसने मेरा
अंडरवेयर निकाल दिया तो मेरा 7 इंच का लंड देख के वो डर गयी और बोली इतना
बड़ा उसने तुरन्त अपना मुँह खोल के उसे अपने मुँह मे डाल दिया और लोली
पोप की तरह उसे चूसने लगी मेरा लंड उसके मुँह मे पूरा जा ही नही रहा था
फिर भी वो उसे पूरा मुँह मे लेने की कोशिश कर रही थी मेने उसके सर को
पीछे से पकड़ा और अपना लंड उसके मुँह मे अंदर बाहर करके उसका मुँह चोदने
लगा काफ़ी देर चूसने के बाद मेरा वीर्य निकलने वाला था तो मेने अपनी
स्पीड बढ़ा दी जिससे दीदी को घुटन महसुस हो रही थी फिर भी मे उसके मुँह
को ज़ोर से चोदने लगा और अपना पानी उसके मुँह मे ही छोड़ दिया वो मेरा
पानी पूरा पीने की कोशिश कर रही थी लेकिन पानी इतना ज़्यादा था की उसके
मुँह से बाहर गिर रहा था.
अब मे दीदी की और देख रहा था दीदी ने कहा मज़ा आ गया मे फिर से उनके
बूब्स को दबाने लगा और उसे चूसने लगा दीदी उल्टी हो के मेरा लंड फिर से
हिलाने लगी और चूसने लगी जिस से मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया अब मेने
दीदी को सीधा लेटा के उनकी गांड के नीचे एक तकिया लगा दिया और अपना लंड
उनकी चूत पर फेरने लगा में दीदी को तडपा रहा था तो वो बोली प्लीज़ भाई
अपना लंड मेरी चूत मे डाल दो फाड़ दो मेरी चूत को अपने लंड से मे ऐसे ही
लंड के लिये तरसती थी और इसीलिये मे शादी के लिये राज़ी नही हो रही थी
क्योंकी वो दुबला पतला है और ना जाने उसका लंड इतना बड़ा होगा या नही वो
मुझे सॅटिस्फाइड कर सकेगा या नही प्लीज़ भाई फाड़ दे मेरी चूत को बना दे
मेरी चूत को भोसड़ा मे ऐसे शब्द दीदी के मुँह से सुन कर और जोश मे आ गया.
मेने धीरे से दीदी की चूत मे अपना लंड डालने लगा अभी आधा ही गया होगा और
दीदी चिल्लाने लगी मेने उनके होठ पर अपने होठ रख के चूसने लगा और ज़ोर का
एक और झटका लगाया इस बार मेरा पूरा लंड दीदी की चूत मे समा गया और दीदी
के मुँह से चीख निकल गयी और वो रोने लगी गिड़गिडा के बोली प्लीज़ इसे
निकालो वरना मे मर जाउंगी मे थोड़ी देर रुक गया और उनके बूब्स दबाता रहा
और जब वो थोडा शान्त हुई तो फिर मे धीरे धीरे अपना लंड अंदर बाहर करने
लगा.
अब दीदी भी मेरा साथ दे रही थी वो नीचे से अपनी गांड उछाल उछाल के मेरा
साथ दे रही थी मे अब ज़ोर से उसे चोद रहा था ओर वो आअहह मररररर गाइिईईईई
ईईहह ऊऊहह जैसे चिल्लाने लगी पूरे कमरे मे हमारी आवाज़े आ रही थी और पूरा
कमरा छप छप की आवाज़ से गूँज रहा था थोड़ी देर मे मेने अपनी स्पीड बढ़ा
दी और ज़ोर ज़ोर से चोद रहा था दीदी दो बार झड़ चुकी थी और मे झड़ने वाला
था मेने दीदी को बोला मेरा पानी निकलने वाला है दीदी बोली मेरे अंदर ही
छोड़ दे यह मेरी पहली चुदाई है और वो भी मेरे भाई से मे तेरे बच्चे की
माँ बनना चाहती हूँ वैसे भी मेरी शादी होने वाली है कोई प्रोब्लम नही
होगी मेने अपनी स्पीड बढ़ा दी मेरा शरीर अकड़ने लगा और में एक ज़ोर से
पिचकारी मार के दीदी की चूत मे झड़ गया मेरा गर्म लावा दीदी की चूत से बह
रहा था और मे निढाल हो के दीदी पर गिर गया.
हम दोनो ऐसे ही नंगे बिस्तर पर पड़े रहे दीदी बोली भाई अगर मेरा पति मुझे
संतुष्ट नही कर पाया तो वादा करो तुम ही मेरी प्यास को शान्त करोगे आज तो
मेने जन्नत की सेर की है बहुत मज़ा आया अब तुम ही मेरे पति हो जब जी चाहे
तुम मुझे चोद सकते हो और हम ऐसे ही नंगे सो गये. आगे मैने दीदी को खूब
चोदा और आज भी चोदता हूँ . . मुझे कमेन्ट करे और अपना रेस्पॉन्स भी दें
ताकि मे आगे की कहानी लिख संकू …