हेलो दोस्तो केसे है..मेरा नाम प्रीत है. गुजरात के 1 गाँव से हूँ.
http://sexkahani69.blogspot.in पर ये स्टोरी पहली बार लिख रहा हूँ इस
लिए ग़लती सुधार के पढ़ना।
दोस्तो.. ये स्टोरी 2010 की है जब मे 21 साल का था. मेरे घर के पास ही 1
पड़ोसी रहता था।
उसमे राजेश उसकी बीवी पायल उसकी माँ और पिता ओर उसकी बूडी बुआ रहते थे.
पूरा परिवार झगड़े के मिज़ाज वाला है. मोहल्ले मे सभी के सभी वो झगड़
चुके है।
हमारे सात भी वो कही बार झगड़ चुके है इस लिए मेने उसे अपना दुश्मन मान
लिया ओर इसका बदला लूँगा ये सोच लिया बचपन से हमारे झगड़े होते थे. बस
थाक के इंतजार मे था. ओर थाक भी बहुत अच्छी मिली शायद एसी थाक किसी को
नही मिली होगी।
2010 मे राजू की शादी हुई. वो शादी कर के घर ही पहुचा होगा की उसकी दीदी
की तबीयत बहुत खराब हो गई तो उसे तुरंत ही अहमदाबाद ले जाना पड़ा उसके
साथ राजू भी गया ये बात राजू की बीवी पायल को नही बताया था। इशारे से
आसपास के सभी लोग अपने अपने गाँव ओर घर चले गये. सिर्फ़ कुछ लोग रह गये
थे। पायल को ये बात नही बताना ऐसी बात राजू ओर राजू की माँ सभी बोल रहे
थे. इस लिए पायल को नही पता था का उसका पति अभी नही है ओर रात तक नही आने
वाला है क्योकि मेरे गाँव से अहमदाबाद जाने मे ही 3 घंटा होता है।
बाकी रहे लोगो ने खाना पीना पूरा करके नई दुल्हन को राजू के बेडरूम मे 2
फ्लोर पर छोड़ दिया गया ओर कहा गया की राजू अभी किसी काम से बाहर गया है
वो लेट आएगा. इस वक़्त 11 बज चुके थे ये अंधेरे की वजह से मे देख रहा था।
आधे घंटे के बाद मे मेरा घर 3फ्लोर का ओर उसका 2 फ्लोर का है इस लिए मे
अपने 3 फ्लोर से मे उसकी 2 फ्लोर की छत पर आसानी से जा सकता हूँ. उसकी छत
से निचे उतरने के लिए 1सीडी है जिससे उतर के वहा पहुच जाता था. फिर उसके
रूम थे. मे उसके रूम मे देखा 1 नाइट लेम्प जल रहा था पायल पीछे की ओर मूह
करके लेटी थी दरवाजा सिर्फ़ बंद था लॉक नही किया था. मे रूम मे पहुचा ओर
जाकर ही लेम्प बंद किया ओर पायल के पीछे लेट गया ओर पीछे से ही बहो मे भर
लिया।
वो बोली आप आ गये मेने सिर्फ़ हा.. कहा ओर उसे सीधा लिटा के उसके उपर लेट
गया ओर उसके होंठ को किस करने लगा. वो मदहोश होने लगी मेने महसूस किया ये
चीज़ बड़ी नमकीन है पर दिख नही रहा था मे अंधेरे का फायदा उठा रहा था।
मेने धीरे से उसकी शादी का जोड़ा उतार दिया।
फिर उसकी नाभि मे जीभ घुमा के उसे चाटने लगा वो आआहह.. कर रही थी. धीरे
से उसके उपर के कपड़े हटा दिया अब वो ब्रा ओर पेंटी मे थी मे उपर से ही
उसके बोब्स दबाने लगा वो ओर मदहोश होती जा रही थी. फिर उसे पूरा नंगा
किया ओर खुद ही पूरा नंगा हो गया. उसके होंठो पर फिर किस करने लगा उसके
बोब्स वाह क्या कड़क कड़क बोब्स थे बहुत मज़ा आ रहा था मे तो पागल हो रहा
था। उसके पूरे बदन को किस किया ओर जीभ से चाटने लगा वो बोली गुदगुदी होती
है जान ज़रा धीरे करो ना. पूरा बदन चाटने के बाद उसकी चूत पर हाथ फिराया
वाउ.. क्या बिना झांटो वाली ओर छोटी चूत लगी। मुझे लगा लेम्प शुरू करके
ये चूत देखु पर एसा करने मे ख़तरा था।
मेने तुरंत ही अपनी जीभ उसकी चूत पर रखी ओर उसे चाटने लगा वो हहा..हा..अ.
जान बहुत मज़ा आ रहा है आआहह इतना मज़ा आता है मेने कभी सोचा भी नही थी
ओह.. वो मदहोश हो गई मे चाटे ही जा रहा था ओर काटता भी जा रहा था. वो ह..
ऊहह.. किए जा रही थी. वो झर गई. फिर मेने उसकी चूत साफ किया ओर मेरा लंड
उसके हाथ मे देकर उसे मूह मे लेने का इशारा किया वो मना कर रही थी. फिर
भी वो सूपड़ा चाटने लगी उसमे ओर अंदर देने लगा तो वो हट गई ओर बोली ये
कितना बड़ा ओर मोटा है मुहं मे नही जाएगा.. मेरे 8 लंबा ओर 4 मोटा उसे डर
लगने लगा. मेने फिर मूह से हट गया ओर उसकी चूत पर आ गया वो बोली जान
ज़रा धीरे करना ये बहुत बड़ा है…।
गांड के नीचे तकिया रखा ओर अपना लंड चूत पर सेट किया ओर आहिस्ता से प्रेस
किया पर लंड अंदर नही गया फिसल गया. फिर सेट किया ओर उसके होंठ पर अपने
होंठ रख के चूमने लगा ओर 1 जोरदार धक्का लगाया सुपाडा अंदर जा चुका था।
वो छटपटाई जोर से बोल भी देती पर नही बोल पाई. फिर मे उसके होंठ चूमने
लगा ओर बोब्स दबाने लगा वो थोड़ी नॉर्मल हुई के 1 ओर झटका मारा ओर लंड
अंदर हो गया वो रोने लगी।
मुझसे छूटने लगी पर नही छूट पाई वो रो रही थी। मे उसके बोब्स दबा रहा था
ओर होंठ चूम रहा था उसकी चूत से खून निकल रहा था वो धीरे धीरे नॉर्मल हो
गई. फिर एक ऐसा करारा झटका मारा की पूरा लंड अंदर हो गया. इस बार वो बहुत
छट पटाई पर कुछ नही हुआ मे आहिस्ता आहिस्ता धक्के चालू रखे धीरे धीरे वो
भी मजे करने लगी ऊओह डार्लिंग ओर जोर से.. जल्दी करो ना… अयाया.. बहुत
मजा आरररहा.. हे.. ओह कितना बड़ा अंदर घुस गया बहुत मज़ा आ रहा है… 10
मिनिट के बाद वो बोली मे आ रही हूँ… ओर झड़ गई। पर मेने धक्के लगाने चालू
रखे.
फिर 15 मिनिट बाद वो फिर से झड़ी पर मे झडा नही था. इसके बाद पूरे 1 घंटे
चुदाई की तब जाकर मे झडा इस बार 3 बार झड़ चुकी थी. मे एक करारा झटका
दिया ओर शांत हो गया. उसके उपर निढाल हो गया थोड़ी देर आराम करने के बाद
हम बाथरूम मे गये ओर वहा भी बिना लेम्प के अन्धेरे मे ही सफाई की वो चल
नही पा रही थी. उसकी चूत सूज सी गई थी. फिर बिस्तर पर लेकर गरम किया ओर
पीछे चुदाई की इस बार भी उसे दर्द हुआ वो बोली बहुत बड़ा है दर्द होता है
पर मे कुछ जवाब नही दे रहा था।
इस बार फिर 1:30 घंटे चुदाई चली. इस रात उसे 5 बार चोदा तब तक सुबह के 5
बज चुके थे. उसकी चूत फुल गई थी वो चल नही पा रही थी इस हाल मे छोड़ के
उसे सुलाकर मे छत से अपने घर मे आ गया. सुबह 8 बजे उठा ओर देखा तो वो
बाहर थी बहुत खूबसूरत थी मे धन्य हो गया जो ऐसी कुवांरी चूत ओर नमकीन
माल चोदने को मिला. दोपहर को उसका पति आया तो उसे पता चला की उसका पति कल
रात से नही है तो वो हेरान रह गई तो फिर मुझे चोद कोन गया ये सोचने लगी।
ये बात उसके पति को पता नही चलने दी एसे ही 1 साल बीत गया ओर उसके बीच भी
झगड़ा हुआ तो पायल की भाभी उसे मिलने आई उसे वो उपर वाले रूम मे लाई ओर
झगड़े का कारण पूछा तो पायल ने कहा ये तो अच्छा करते ही नही है मुझे
अधूरा छोड़ देते है. तो उसकी भाभी ने कहा कि तुम पूरा कर लेना। तो वो
बोली इनसे तो वो सुहागरात वाला अच्छा था. तो उसकी भाभी हेरान रह गई ओर
बोली कोन तो वो बोली कि मेरी सुहागरात को ऐसा ऐसा हुआ था।
उसकी भाभी ने कहा तो उसे पटा लो तो वो बोली वो कोन था मुझे पता नही पर जो
भी था बहुत बड़ा चुदक्कड़ था क्या मजे से ओर कितने बड़े लंड से चोदा था
आज भी याद आती है।
मे यह उपर से सुन रहा था तो मे फिर मोके की तलाश मे रहने लगा पर मोका
मिलता ही नही है. जब मोका मिलेगा तो इस नमकीन को जी भर के खूब चोदुगा।
फिर जब उसे चोदुगा तो यहा ज़रूर लिखूंगा. दोस्तो ये कोई काल्पनिक स्टोरी
नही है मेरे सात हुआ ये उसकी असलियत है। अगर आप दोस्तो को अच्छी लगी हो
तो आप अपनी राय मुझे कमेन्ट में जरुर देवे।