हाय, फ्रेंड्स मेरा नाम राजकुमार है. दरसल में आन्द्रा का रहने वाला हूँ
मगर जॉब के वजह से यहाँ पर हूँ. में भी एक इस वैबसाइट का रीडर हूँ.
कहानियों को पढ़ कर मुझे लगा की मेरी भी एक घटना जो की आप सब के सामने
पेश करूं इसलिए यह कहानी सम्मलित कर रहा हूँ. यह मेरी
पहली कहानी है इसलिए अगर में गलती हो जाये तो मुझे क्षमा करना…..
में मुंबई मे नया था और कुछ पता नही था. रोजाना सुबह एक पार्क मे
मोर्निंग वोक के लिये जाता था तो एक 45 साल की ओरत को देखता था जो अपने
बच्चो के साथ आती थी. रोजाना में उन्हें विश करता था और हमारी अच्छी
दोस्ती हो गयी. एक दिन देखा की वो अकेले पार्क आई थी और बहुत दुखी लग रही
थी मैने उनसे पूछा की कोई प्राब्लम है तो उसने बताया की उनके बच्चे जो के
उनके पोता पोती थे उनकी छुट्टिया खत्म हो गयी और वो वापस अपने घर चले
गये. फिर मैने उन्हे समझाया और हम दोनो आपस में बहुत घुल मिल गये. हफ्ते
मे 2-3 बार उनके घर चला जाता था और कुछ अच्छा बनाती थी तो खा भी लेता था.
एक दिन उनके घर से फोन आया की आज मेरा बर्थ डे है और तुम्हारे लिये
बिरयानी बनाई है अब तो में एक दम उछल गया और उनके घर चला गया .रात के
8.00 बजे हुये थे में घर के अंदर गया, आंटी को विश किया और घर में बेठ
गया. आंटी कुछ सीरियल देख रही थी तो मैने कहा की मुझे बोर लग रहा है तो
उसने कहा की में नहा के आती हू तब तक टीवी के नीचे पड़े सीडीयों में कुछ
अच्छा सा सेलेक्ट करके देखते रहो. मैने कहा की ठीक है और वो नहाने के लिए
चले गयी. में सीडी के लिये उठ कर टीवी के पास गया और अच्छी सी सीडी खोज
रहा था, तभी मैने देखा था की कुछ सेक्सी मूवी भी थी तो मैने एक सीडी
प्लेयर में लगाकर ऑन कर दी और देखने लगा. कुछ देर में आंटी एक दम ब्लू
कलर की साडी पहन कर आई उन्हे देखते ही में एक दम हैरान हो गया. वो बहुत
हॉट लग रही थी. वो धीरे-धीरे मेरे पास आई और टीवी देखने के बाद मेरे बल
पकड़ के कहा की क्या देख रहे हो. मैने तुझे अच्छा लड़का समझा था मगर यह
सब क्या है. तो मैने कहा की आप ने ही तो कहा की जो जी मे आये वही देख
लेना. तब आंटी कुछ देर के लिए खामोश हुई और फिर कहा की चलो खाना खाते है.
खाना खाते समय मैने आंटी से पूछा की सीडी किसकी है तो उसने कहा की उनके
पति के साथ देखते थे. और उनके गुजरने के बाद वह सीडी कभी कभी खुद भी देख
लेती हें. फिर से हम खामोश हो कर बिरयानी खाने लगे और फिर टीवी देखने चले
गये. में सीडी निकालने के लिए आगे बड़ा तो आंटी बोली इसी को चलने दो और
कोई हें भी तो नही. थोड़ी देख के तुम चले जाना कहकर वह अंदर चली गयी. कुछ
देर बाद मैनें सीडी को ऑन किया और देखने लगा. कुछ देर बाद मे उसमे मग्न
हो गया और पता ही नही चला की आंटी मेरे पीछे खड़ी हो कर टीवी देख रही है.
मैं भी अपने एक हाथ से पकड़ कर ऊपर से ही अपने लंड को मसल रहा था उसके
बाद मैने महसूस किया की आंटी की हाथ मेरे कन्धे पर है. तो मैने पीछे देखा
और देखते ही मेरे दिमाग़ की बत्ती भुझ गयी. आंटी अपनी साडी खोल कर सिर्फ
ब्लाउज और पेटीकोट में मेरे सामने खड़ी थी. मैने तुरंत अपनी आँखे बंद कि
और कहा की आंटी आप क्या कर रहे है. तो उसने मुझे अपनी और खींचा और कहा की
मूझे पता नही की यह ग़लत है या सही मगर मेरे बर्थ डे के दिन मैं कुछ नया
करना चाहती हूँ. मैने भी कुछ देर सोचा और कहने ही वाला था तभी झट से मुझे
पकड़ कर आंटी ने किस करना शुरू कर दिया. एक मिनिट तक में एडजेस्ट किया
मगर उसके बाद कंट्रोल नही हुआ और आंटी का किस को रिप्ले देने लगा.
दोनो एक दूसरे को पागलो की तरह किस करने लगे. मैने उसे दीवार से चिपका
दिया और किस करने लगा और उन्होंने मेरी टी-शर्ट को खोल दिया. में ज़ोर से
उनकी चूची दबा रहा था और किस कर रहा था. मूझे तो बहुत मज़ा आ रहा था और
मैनें भी उसके पेटीकोट का नाडा खोल दिया और झट से पेटीकोट नीचे हो गया.
और धीरे-धीरे ऊपर का ब्लाउज भी खोल दिया. उन्होने अंदर कुछ भी नही पहना
था ब्लाउज खोलते ही चूची आज़ाद होकर मेरे सीने से लग गये. चूची बहुत बड़े
और नर्म थे. में एक के बाद एक चूसने लगा और किस कर रहा था. उन्होंने मुझे
रूम की और इशारा किया और हम दोनो क़िस करते करते रूम में चले गये और बेड
पे लेट गये. मैनें उनकी नीचे की पेंटी को खोल दिया और उसे फेक दिया. आंटी
के बहुत सारे बाल थे. मगर उनकी चूत से कुछ मदहोश स्मेल आ रही थी की जिसने
मुझे पागल बना दिया और झट से मजबूर हो गया. मैने उसकी चूत के पंख को खोला
और अपने जीभ से खेलना शुरू किया. मुझे बहुत मज़ा आ रहा था और आंटी भी
मेरे सिर के बाल के साथ खेल रही थी और मेरे सिर को अपनी और खीच रही थी.
कुछ ही देर में उनकी चूत से नमकीन सा पानी आने लगा जो में पीते पीते चूस
रहा था और चाट रहा था. फिर आंटी ने मुझे कहा की और मत तड़पाओ और तुरंत
मेरी पेन्ट को खोल दिया और अंडरवियर भी खोल दी. आंटी ने मेरे लंड को हाथ
में पकड़ कर ऊपर नीचे किया. मुझे तो जैसे जन्नत मिल गयी हो, कुछ देर हाथ
से हिलाने के बाद उन्होंने मेरे लंड को अपने मुहँ में लिया और चूसने लगी.
कुछ देर चूसने के बाद मुझसे भी रहा नही गया और मैने आंटी को सीधा लिटा
दिया और उनके ऊपर चढ़ गया.
मैने धीरे से अपने लंड के सुपाडे से आंटी के चूत के दाने को रगड़ना शुरू
कर दिया और तेज बढते हुये रगड़ने लगा. फिर आंटी ने पानी छोड़ दिया. और
कहा जल्दी से अंदर डाल दो. तो मैनें दोनो घुटनो को आगे की और फोल्ड किया
और अपना लंड आंटी के चूत के अंदर आराम से पूरा डाल दिया. आंटी
इस्स्स्सस्स्स्स कि आवाज़ के साथ मुझे जोर से पकड़ लिया. आंटी का चूत
गीली थी और एक दम गर्म थी. मुझे बहुत आनंद आ रहा था और धीरे धीरे मैं
धक्के मारने लगा और और फिर मैनें धक्को का दोर बड़ा दिया. कुछ देर की
चुदाई के बाद आंटी को कुतिया स्टाइल में होने को कहा और पीछे से उनकी
चूत मारने लगा, पीछे से चोदने का भी मस्त मजा आता हें. उस पोजीसन मे भी
कुछ देर जमकर चुदाई होने के बाद, फिर मैनें उसे फिर से सीधा लिटा दिया और
चोदने लगा और में उन्हें स्पीड से चोद रहा था. आंटी ने मूझे ज़ोर से पकड़
लिया और मैं समझ गया की आंटी झड़ने वाली है और मैनें अपनी स्पीड को ओर
बड़ा दिया. और हम दोनो एक के बाद एक झड़ गये.
फिर हम दोनों ने किस किया और लेट गये. कुछ देर के बाद आंटी मुझे किस करने
लगी मैने कहा की मुझे एक और राउंड मारना है' तो उसने कहा की मेरे गांड के
छेद को भी मार दो. मेंने कहा ठीक है और फिर उसे डॉगी की स्टाइल मे बेड पर
घोड़ी बना दिया. और धीरे से मैनें लंड को उनके गांड मे घुसाया मगर इस बार
मेरा लंड पूरा नही घुस पाया. फिर मैने अपने लंड और उसकी गांड के छेद पर
थूक लगाया और और धीरे से घुसाया. मेरा लंड घुसते ही आंटी कि जान निकल गई
और कुछ देर के बाद आंटी ने कहा अब बस में तुम्हारा पानी पीना चाहती हूँ
यह कह कर वो खड़ी गई और नीचे बेठ कर मेरे लंड चूसने लगी. कुछ देर बाद में
उसके मुहँ में झड गया. वो सारा पानी पी गई . और फिर हम दोनों साथ मे नहा
लिये और सो गये. सुबह उठा तो आंटी मुझे किस किया और चाय दे कर कहा कैसे
लगा. मुझसे रहा नही गया और तुरंत उसके ऊपर फिर से चढ़ गया.
और दोस्तो मेरे इस स्टोरी अगर आपको अच्छी लगे तो मुझे जरुर बताना . . .