हेल्लो दोस्तों मेरा नाम आशु हे और में कोटा (राजस्थान) में रहता हूँ. इस
पर जो कहानियाँ आती है उसमे मुझे सच्चापन लगता हे. इससे प्रेरित होकर ही
में अपने सात घटी हुई घटना आप लोगो के सात बांटता हूँ। मेरी कहानी मे
असत्य कुछ भी नही
हे।
यह जो स्टोरी लिखने जा रहा हूँ वो कुछ दिनों पहले की ही बात है. मेरे
पडोस मैं एक आंटी रहती है उसकी स्टोरी है. मुझे यह आंटी बहुत अच्छी लगती
थी. क्या माल था। उसकी फिगर 38-30-38 थी,बड़े बड़े चूतड़ और इतनी सेक्सी
गांड थी की मेरा लंड उसको देख कर टाइट हो जाता था।
गांड का पूछो मत मोटी मोटी गांड जब जब वो चलती थी तो गांड हिलती रहती. जब
जब मेने आंटी की गांड देखा करता था मेरा लंड जोश मैं आ जाता। आंटी बहुत
ही सेक्सी थी. बेचारी आंटी अंकल के काम की वजह से मजे भी नही करती थी।
उसके पति आर्मी में थे. अक्सर बाहर ही रहते थे।
एक दिन मैं उनके घर गया सोनिया आंटी अकेली थी. मेने आंटी से पूछा सब लोग
कहा है आंटी ने जवाब दिया की अंकल तो तुमको पता ही है और सभी बच्चे मामा
के घर गये है आज रात को नही आयेंगे। फिर मेने आंटी को कहा के ठीक हे आंटी
मैं चलता हूँ.. आंटी ने मुझे रोक लिया और कहा अभी रुक जाओ मुझे नहाना है
जब तक तुम मेरे घर का ख्याल रखना मैं अभी नहा कर आती हूँ… आंटी नाईटी मैं
थी पिंक नाईटी मैं उनके बोब्स बड़े सेक्सी लग रहे थे. बोली तू मेरा पीसी
भी ठीक कर के जाना खराब है…
मुझे नहीं पता था की आंटी भी पीसी चलाती है मैं रुक गया आंटी नहाने चली
गयी. मैं इनके बेडरूम मैं आंटी का वेट कर रहा था की अचानक मेरी नज़र बेड
पर पड़ी बेड पर टॉवल पेंटी और ब्रा पड़ा था। ब्रा और पेंटी बहुत बड़ी
थी. तकरीब 15 मिनट के बाद आंटी ने आवाज़ दी और कहा टॉवल दे दो मुझे… मेने
आंटी को टॉवल दिया।
फिर आंटी ने कहा प्लीज़ मेरी पेंटी और ब्रा भी दे दो.. मेने आंटी को
पेंटी और ब्रा भी दिया. अब आंटी नहा कर निकली आंटी ने वाइट कॉटन का शूट
पहना था. आंटी के पीछे ब्रा नज़र आ रही थी. अब मेने आंटी को कहा आंटी अब
मैं चलता हू आंटी ने कहा तुम्हे कुछ काम से जाना है क्या? मेने जवाब
दिया नही.. फिर आंटी ने मुझे कहा के रुक जाओ मैं अकेली हू.. बोर हो
जाऊंगी… कुछ बाते करते है… मैं बेठ गया और आंटी की अपनी लाइफ के बारे मैं
बता रही थी।
अब आंटी अब कुछ खुल कर बाते करने लगी. मुझसे पूछने लगी के तुम्हारी
गर्लफ्रेंड्स है या नही कभी सेक्स किया है या नही. मैं एसी बात सुन के
हैरान हो गया. अब मैं भी खुल गया था। मेने आंटी से पूछा के आंटी आप को
सेक्स पसंद है? आंटी ने जवाब दिया की सेक्स हर किसी को पसंद होता है
पागल… क्या तुम्हे पसंद नही है आंटी ने कहा? मेने जवाब दिया कभी किया ही
नही है… आंटी ने कहा झूठ मत बोलो मुझे मालूम है तुम बहुत बुरे हो तुमने
अपनी काम वाली को चोदा है और नेहा को भी मुझे सब पता है…
उसने मुझे बताया तब मेरी चूत गीली हो गयी थीजी करता था की तुमको रात को
ही अपने घर बुलाकर अपनी प्यास भुझा लू.. लेकिन बच्चे घर पर थे.. झूठ
बोलता है.. तूने अपना मोबाइल नंबर भी दे रखा है… लेकिन मैने सोचा जब घर
आओगे तब ही बात करूँगी तुमसे… तेरी माँ को बोलना पड़ेगा की तेरा विवाह कर
दे… मैं अचानक डर गया आंटी ने कहा डरो मत मैं कुछ नही कहूंगी… मेने तुमको
नंगा भी देखा है… मेने आंटी से पूछा कब देखा आपने मुझे नंगा? आंटी ने
जवाब दिया जब तुम मेरे घर के बाथरूम मैं पेशाब कर रहे थे…।
मेने कुछ नही कहा. मेरी भी चूत प्यासी है क्या अपनी आंटी की प्यास नहीं
मिटाओगे। नेहा से तो तुमने कहा की जब भी बोलो आपका गुलाम हाज़िर है अब
चुप क्यों बेठे हो बोलो..अब तुम्हारा लंड प्यास बुझाएगा मेरी चूत की
प्यास को… मैं सोनिया आंटी की बातो से मन ही मन खुश हो रहा था सोचा नहीं
था कि आंटी खुद तेयार हो जाएगी। मैं उनसे डरता भी था। वो बहुत गुस्से
वाली थी. आंटी ने अब अपना हाथ मेरे लंड पर रखा. मुझे तब बहुत अच्छा लगा
मेरी आंटी बहुत प्यासी थी वो बिल्कुल गोरी थी।
उनकी उम्र 38 की थी लेकिन अभी भी बिल्कुल जवान लगती थी. ज़िंदगी मैं आज
पहली बार 38 उम्र की फीमेल के साथ सेक्स करने जा रहा था. अब आंटी ने
मुझसे कहा अपनी पेंट उतारो मैं भी देखू तुम्हारा प्यारा सा लंड.. मेने
अपनी पेंट उतार दी. मैने उस दिन अंडरवेयर नहीं डाला था. मैं अब नीचे से
नंगा था आंटी मेरे पास आई और मेरी शर्ट भी उतार दी और मुझे पूरा नंगा कर
दिया.आंटी को मेरा लंड बहुत अच्छा लगा आंटी ने मेरा हाथ अपने बोब्स पर
रखा और कहा प्रेस करते रहो प्लीज़…मेने खूब प्रेस किया आंटी को मज़ा आ
रहा था।
फिर आंटी ने अपनी कमीज़ उतारी फिर सलवार उतारी फिर मेरे लंड को चूसने
लगी. फिर मेने आंटी की ब्रा खोलने की कोशिश कर रहा था. तो आंटी मुस्कुरा
कर बोली बेटा मैं खोल देती हू… फिर आंटी ने ब्रा खोल दिया और पेंटी भी
उतार दी. अब आंटी का गोरा गोरा जिस्म मेरे सामने पूरा नंगा था। आंटी ने
अपने बड़ी बड़ी बोब्स को मेरे लंड पर रख दिये और अपने बोब्स से मुझे
चुदाई का मज़ा दे रही थी।
कुछ देर बाद मेने आंटी की चूत को चाटने लगा आंटी की आवाज़े की सेक्सी
सेक्सी आवाज़े निकल रही थी आआआआआहह ऊऊऊहह बेटा आआआहह ज़ोर से बेटा आआआहह
तेरी आंटी प्यासी है मेरी प्यास बुझा दे बेटा.आआआआअहह. आंटी ने कहा अब
अपना लंड मेरी चूत में डालो… प्यासी है मेरी चूत प्यास बुझाओ.. जल्दी
मेने आंटी की दोनो टांगो को अपने हाथो से अपने कंधो पर रखा और चूत पर 8
इंच का लंड रखा आंटी की चूत टाइट हो रही थी।
मेने हल्का सा धक्का दिया तो आंटी की चीख निकल गयी और आंटी ने कहा आराम
से डालो क्या जल्दी है तुमको है.. मेने कहा आंटी नही अब आराम से डालूंगा
ठीक हे… फिर मेने हल्के हल्के झटके मारे आंटी को मज़ा आ रहा था. आंटी की
आवाज़े निकल रही थी. ऊओह आआ.. ऊऊफ्फ्फ्फ्फ्फ हा..आ.और डालो और डाल आज
मेरी चूत को मज़ा दे दे प्लीज़.. तेज़ करो मेने तेज़ कर दिया।
आंटी मुझे बेड पर ले गयी और मुझे बेड पर धक्का दे दिया और बोली आज तुझसे
मैं चुद्वाती हूँ… और सोनिया आंटी ने मेरे लंड की टोपी को किस किया और
मुझे सीधा लेटा दिया और मेरे लंड के ऊपर अपनी चूत रख दी और ज़ोर ज़ोर से
हिलने लगी और चिल्लाने लगी आहह बेटा आ.. बेटा आआआआहह मज़ा आ गया
तुम्हारा लंड अब मेरी प्यास बुझा देगा और ज़ोर ज़ोर से उपर नीचे होने
लगी.ऐसे मैं मेरे लंड को भी दर्द हो रहा था आंटी और मैं दोनो पागल हो गये
और मैं आंटी को उठा लिया और नीचे लेटा कर उनकी टांगे खोल दी और फिर से
चोदना शुरू कर दिया. आंटी झड़ने वाली थी।
हमको 15 20 मिनट हो गये थे और मेरा भी पानी निकलने वाला था आंटी ने कहा
अंदर नही निकालना… मेने कहा ठीक हे… अब मेने अपना लंड निकाला और आंटी के
बोब्स पर पानी निकाल दिया. फिर आंटी ने मेरा लंड चूसा और 15 मिनट तक हम
नंगे ही बेड पर लेटे रहे फिर मेने आंटी से कहा आंटी मुझे आप की गांड
मारनी है…।
आंटी ने जवाब दिया आज से सब कुछ तुम्हारा है बेटा ये गांड भी तुम्हारी है
जब बोलोगे दे दूँगी मेरे जानू… मेने कहा अभी मिल सकती है? आंटी ने कहा
अभी क्यों नही… आंटी ने फिर मेरे लंड को चूसना शुरू किया 5 मिनट के बाद
मेने आंटी की मोटी मोटी गांड पर अपनी ज़बान फेरने लगा आंटी ने कहा ये
क्या कर रहे हो… आज तक किसी ने मेरी गांड पर ज़बान नही फेरी.. मेने जवाब
दिया आंटी एक सेक्सी मूवी मैं देखा था… आंटी ने कहा आशु तुमको तो बहुत
कुछ पता है सेक्स के बारे मैं… अब आंटी कुतिया स्टाइल मैं थी और मेरा लंड
बेचेन था। मोटी गोरी गोरी मोटी मोटी गांड मैं जाने के लिए।
आंटी ने कहा आराम आराम से डालना ये चूत नही गांड है… बहुत दर्द होता है…
मेने कहा आंटी आप फ़िक्र नही करें मैं आराम से करुगा ठीक हे… मेने अब
आंटी की गांड मैं हल्का सा झटका दिया आंटी को दर्द हुआ एक चीख निकल गयी.
आआआहह हरामी बाहर निकाल फट जाएगी रहम कर आआआआहह नो बेटा
प्लज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़ अहह ऊऊऊईईए माआआ आशु.. आअहह बाहर निकाल।
फिर मेने अपनी स्पीड हल्की कर दी. अब हल्के हल्के मेरा पूरा लंड आंटी की
गांड मै जा चुका था. और आंटी को भी मज़ा आ रहा था. आंटी को भी बहुत मज़ा
आया गांड मैं लंड ले कर. मेने आंटी को कहा आंटी पानी निकलने वाला है आंटी
ने कहा निकाल लो… फिर मेने सारा पानी आंटी की गांड में निकाल दिया और
बाथरूम में जाकर अपना लंड साफ़ किया। और मेने अपने आप से कहा ये तो सब
समय की बात है।
अब जब भी मोका मिलता है मैं आंटी की प्यास बुझाता हूँ … आपको मेरी कहानी
कैसी लगी मुझे जरुर बतायें